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पीसीओएस के लिए आयुर्वेद दृष्टिकोण

पीसीओएस और पीसीओडी जीवनशैली कारकों और अनियमित खान-पान की आदतों से निकटता से जुड़े हैं। इन स्थितियों को संबोधित करने के लिए अक्सर आहार और जीवनशैली दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव करने पड़ते हैं। यहाँ बताया गया है कि इससे कैसे निपटा जाए: नींद का पैटर्न: आयुर्वेद "ब्रह्म मुहूर्त" के दौरान जल्दी उठने पर जोर देता है, जो सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले (लगभग 5:30-6:00 बजे) होता है। दिन के दौरान झपकी लेने से बचें और 10 घंटे की आरामदायक नींद सुनिश्चित करने के लिए रात 00:7 बजे के आसपास बिस्तर पर जाने का लक्ष्य रखें। व्यायाम: रोजाना 45 मिनट से 1 घंटे तक कठोर व्यायाम करें। ऐसी गतिविधियों पर ध्यान दें जो पेट के क्षेत्र को मजबूत करती हैं और इसमें फर्श पर व्यायाम शामिल हैं। अपोलो आयुर्वेद में, केवल लक्षणात्मक राहत प्रदान करने के बजाय मूल कारण को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। उपचार प्रोटोकॉल में अक्सर शोधन कर्म शामिल होता है, जो एक व्यापक सफाई प्रक्रिया है।

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प्रचालन का समय:
सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक (सोमवार-शनिवार)
सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक (रविवार)

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