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डॉ. भीमा भट्ट द्वारा रुमेटॉइड आर्थराइटिस के उपचार के लिए आयुर्वेद दृष्टिकोण

वात (वायु तत्व), पित्त (अग्नि तत्व) और कफ (जल तत्व) शरीर के कामकाज को नियंत्रित करते हैं। हम सबसे स्वस्थ तब होते हैं जब ये तीनों मिलकर काम करते हैं, एक दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। आरए सूजन निर्माण (अमा) द्वारा ट्रिगर किए गए वात दोष के कारण होता है। खराब चयापचय या अपर्याप्त आंत स्वास्थ्य अमा के संचय की ओर जाता है, जिससे ऊतक स्तर की क्षति होती है। परस्पर असंगत खाद्य पदार्थों (विरुद्धहारम), अस्वास्थ्यकर दैनिक दिनचर्या, गतिहीन कार्य पैटर्न, देर रात तक जागना, तनाव आदि जैसे विभिन्न कारकों के कारण वात का निर्माण, अमा को हड्डियों और जोड़ों के क्षेत्रों में धकेलता है।

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